Ajmer Dargah स्थित बाबा फरीद का चिल्ला 72 घंटे के लिए खोला

राजस्थान में मोहर्रम के मौके पर अजमेर दरगाह स्थित सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में बाबा फरीद का चिल्ला आज तड़के साढ़े चार बजे खोल दिया गया। यह चिल्ला 72 घंटे के लिए खोला गया है। 

हर साल मोहर्रम के मौके पर चिल्ले की जियारत के लिए जायारीन की कतार लगती है। साल में एकबार खुलने वाला यह चिल्ला शनिवार सुबह मामूल कर दिया जाएगा। अजमेर दरगाह स्थित इस चिल्ले पर बाबा फरीद के अकीदतमंद बड़ी संख्या में पहुंचकर जियारत कर रहे हैं और अमन चैन खुशहाली की कामना भी की जा रही है। 

 इसकी जियारत के लिए देशभर से जायरीन (pilgrims) यहां पहुंचे हैं। मालूम हो कि बाबा फरीद ने 40 दिन तक अजमेर की दरगाह में चिल्ला (इबादत) की थी।

यह रौनक मोहर्रम तक बनी रहेगी। यह ख्वाजा साहब (khwaza garib nawaz) का मिनी उर्स भी माना जाता है। सालाना उर्स में नहीं आने वाले जायरीन मिनी उर्स में हाजिरी देने पहुंचते हैं। इनके लिए कायड़ विश्राम स्थली में ठहराने के लिए खास इंतजाम भी किए गए हैं।

अजमेर में मोहर्रम के मौके पर मिनी उर्स के चलते यह चिल्ला तब खोला जाता है जब पाकिस्तान के पाक पSन में बाबा फरीद का उर्स चल चलता है।

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