स्वातिमुथ्यम मूवी की समीक्षा और रेटिंग!

बेलमकोंडा गणेश की पहली फिल्म, स्वातिमुथ्यम में सह-अभिनीत वर्षा बोलम्मा मुख्य भूमिका में हैं। कहानी: इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बालमुरली कृष्णा उर्फ ​​बाला (गणेश) शादी के गठबंधन के दौरान खूबसूरत भाग्यलक्ष्मी (वर्षा बोलम्मा) से मिलती है। बाद में, बाला और भागी नियमित रूप से मिल कर अपने रिश्ते को विकसित करना शुरू करते हैं और अंत में परिवार के सदस्यों को उनकी शादी के लिए मना लेते हैं। शादी के दिन, एक महिला बाला को बुलाती है और एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करती है। महिला कौन है? वह बाला के जीवन से कैसे जुड़ी है? क्या भागी के साथ बाला की शादी एक सहज नोट पर होगी, जो महत्वपूर्ण क्रूक्स बनाती है। प्रदर्शन: लुक-वार बेलमकोंडा गणेश बॉय-नेक्स्ट-डोर भूमिका में ठीक हैं। उनका अभिनय अच्छा है लेकिन उनके चेहरे के भावों में काफी सुधार करना है, खासकर क्लोज-अप शॉट्स में। हीरोइन वर्षा बोलम्मा अपने घरेलू लुक में अच्छी हैं। गणेश के साथ उनकी केमिस्ट्री अच्छी है और फिल्म के लिए एक अतिरिक्त फायदा है। राव रमेश ने पिता की भूमिका में अपने प्रदर्शन से एक बार फिर प्रभावित किया। नरेश ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। गोपराजू रमना को एक उद्देश्यपूर्ण भूमिका मिलती है जिसका दूसरे भाग में अच्छा स्क्रीन समय होता है। वेनेला किशोर अपनी कॉमेडी-कोटेड भूमिका में अच्छा मज़ाक उड़ाते हैं। प्रगति, सुरेखा वाणी, किट्टय्या जैसे सहायक कलाकार अपनी भूमिकाओं में ठीक हैं। तकनीकीताएं: महती स्वरा सागर का संगीत इस हल्के-फुल्के नाटक की एक प्रमुख संपत्ति है। सभी गाने असेंबल नंबर और सिचुएशनल हैं जो स्क्रीन पर अपील कर रहे हैं। बैकग्राउंड स्कोर ठीक है। सूर्या द्वारा सिनेमैटोग्राफी का काम समृद्ध है क्योंकि उन्होंने पूरी फिल्म को रंगीन नोट पर प्रदर्शित किया है। नवीन नूली द्वारा संपादन ठीक है क्योंकि उन्होंने रनटाइम को सीमा के भीतर रखा है। सीमित बजट की इस फिल्म की प्रोडक्शन वैल्यू अच्छी है। विश्लेषण: लक्ष्मण के कृष्ण नाम के नवोदित कलाकार स्वातिमुथ्यम को निर्देशित करते हैं। शुक्राणु दान विषय को पारिवारिक कहानी में शामिल करने का उनका विचार अच्छा है और बिना किसी अवांछित दृश्य के बड़े करीने से कार्यवाही को अंजाम दिया। उनके यथार्थवादी संवाद अच्छे हैं और कथा में प्रामाणिक बनावट जोड़ते हैं। दूसरी तरफ, अगर निर्देशक ने पहले हाफ को एक तंग पटकथा के साथ पेश करने पर ध्यान केंद्रित किया होता तो परिणाम एकमत होता। हालांकि मुख्य जोड़ी के बीच की केमिस्ट्री को खूबसूरती से दिखाया गया है, लेकिन उनके बीच की बातचीत को स्क्रिप्टिंग स्टेज पर ही बदल दिया गया होता। संक्षेप में, स्वातिमुथ्यम एक पारिवारिक नाटक है जो शुक्राणु दान विषय के इर्द-गिर्द घूमता है। एक संवेदनशील मुद्दे को संबोधित करने के बावजूद, मस्ती से भरी कहानी इस त्योहार के मौसम में इसे देखने योग्य बनाती है। फैसला: प्रचलित पारिवारिक मनोरंजन! रेटिंग: 3/5

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