पाकिस्तान: स्वात घाटी में आतंकवादी संगठन तालिबान की वापसी

पाकिस्तान की स्वात घाटी में आतंकवादी संगठन तालिबान की वापसी की वापसी होती दिख रही है। तालिबान ने पाकिस्तान की स्वात घाटी में पाकिस्तानी सेना के एक मेजर को बंधक बना लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना का एक जवान भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के कब्जे में है और पाकिस्तानी पुलिस के एक DSP को पैर में गोली मारी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, हथियारबंद आतंकियों ने पहाड़ों पर कब्जा कर लिया है और स्थानीय कारोबारियों से रंगदारी मांगनी शुरू कर दी है। पैसे देने से इनकार करने वालों को धमकाया जा रहा है या मार दिया जा रहा है।

घटना के बाद पाकिस्तान की सेना तालिबान से बात कर रही है ताकि मेजर, जवान और DSP को सुरक्षित छुड़ाया जा सके।

घटना से जाहिर होता है कि पाकिस्तान की स्वात घाटी में एक बार फिर तालिबान का वर्चस्व स्थापित हो रहा है।

कौन है तहरीक-ए-तालिबान

तहरीक-ए-तालिबान या पाकिस्तानी तालिबान, पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा के पास स्थित संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्र से उभरने वाले चरमपन्थी उग्रवादी गुटों का एक संगठन है। 

यह अफ़गानिस्तान की तालिबान से अलग है हालाँकि उनकी विचारधाराओं से काफ़ी हद तक सहमत है। 

इनका ध्येय पाकिस्तान में शरिया पर आधारित एक कट्टरपन्थी इस्लामी अमीरात को क़ायम करना है। 

इसकी स्थापना दिसम्बर 2007 को हुई जब बेयतुल्लाह महसूद​ के नेतृत्व में 13 गुटों ने एक तहरीक (अभियान) में शामिल होने का निर्णय लिया। 

जनवरी 2013 में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने घोषणा करी कि वे भारत में भी शरिया-आधारित अमीरात चाहते हैं और वहाँ से लोकतन्त्र और पन्थनिरपेक्षता खत्म करने के लिए लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे कश्मीर में सक्रीय होने के प्रयास कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.